Wednesday, 29 April 2020

MAJDOOR DIWAS


भूख





कोरोना  वायरस   के  कारण  पूरे  भारत  में   लॉक डाउन  कर दिया  गया। मुंबई ,दिल्ली  जैसे  बड़े शहरों  में  रहने  वाले मजदूर कल  कारखानों  के  बंद  हो  जाने  से बेघर  और बेरोजगार   हो गए । उनकी  तो रोजी-रोटी  छिन गई ।दिहाड़ी मजदूरी  करने वाली  यह लोग  शहरों को छोड़  अपने गांव  की ओर  निकल गए ।कोई   पोटली  सिर पर रखे  ,तो कोई छोटे  छोटे नन्हे   मुन्ने  बच्चों  की  उंगली  पकड़े, बिना  जूता  चप्पल पहने   ही   दिल में गांव  पहुंचने  का जुनून  लिए पैदल  ही निकल पड़े  हैं। इस काफिले  को रोककर  जब एक  महिला पत्रकार  ने उनसे  पूछा आप  इस तरह  गांव की  ओर क्यों जा रहे हो ?यूँ इस तरह   भीड़ में जाने से   कोरोना  और    फैल जाएगा। आप लोगों की  जान भी जा  सकती है ।आपको डर नहीं लग  रहा है ।मेम साहब, डर  कोरोना से  नहीं ,भूख से  है ।हमारे पास  पेट भरने  के लिए  रोटी भी नहीं है   बच्चे भूख से बिलख  रहे हैं  यह कोरोना  से तो नहीं किंतु  भूख से जरूर मर  जाएंगे। इसीलिए गांव जा   रहे हैं वहां   दो वक्त की  रोटी तो मिलेगी ही। उनकी दिल को   छू जाने वाली बातें  सुनकर पत्रकार  निरुत्तर रह गई।

FINANCIAL KNOWLEDGE


आर्थिक जानकारियां साझा करें.

आकाश  के   एक्सीडेंट  की  खबर  सुनते  ही  श्रुति  के पैरों तले जमीन खिसक गई ।एक रोड एक्सीडेंट की वजह से आकाश कोमा में चला गया ।उसके इलाज के लिए श्रुति को फौरन पैसों की आवश्यकता थी एटीएम उसके पास था किंतु उसे


 
उसका पासवर्ड मालूम नहीं था ।यहांँ तक कि एटीएम से पैसे कैसे निकालते हैं यह भी नहीं मालूम था क्योंकि उसने कभी पासवर्ड जानने और एटीएम से पैसे निकालने की आवश्यकता ही नहीं महसूस की। ऐसे सभी कामों के लिए आकाश था ही आकाश ने भी श्रुति को कुछ बताने और सिखाने की आवश्यकता कभी महसूस नहीं की ।वह हर काम खुद ही कर लिया करता था ।प्रायः हर घर में ऐसा होता है महिलाएं घर   गृहस्थी और अपने कामों में  ही उलझी रहती हैं ।आर्थिक गतिविधियों और कार्यों में बहुत कम रुचि लेती है और ना ही इन कार्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी रखने की आवश्यकता महसूस करती हैं ।प्राय वे सोचती है कि पति महाशय है तो सही। वही सब हैंडल कर लेंगे यह कार्य क्षेत्र उनका है ।इसमें दखल देने और जानकारी लेने की हमें क्या आवश्यकता ?अपनी इसी सोच के कारण भी इस क्षेत्र से अनजान बनी रहती हैं ।उनके पास कितने एटीएम है क्या पासवर्ड है कहां-कहां किन बैंकों में खाते हैं कौन-कौन से बीमा प्लान है कितनी एफडी हैं शेयर बाजार म्यूचल फंड आदि में कहांँ-कहांँ कितना इन्वेस्टमेंट है ?अधिकतर महिलाएंँ इन सब जानकारियों से अनभिज्ञ रहती हैं ।अब श्रुति को भी देखें उसके पास ऐसे कठिन समय में दूसरों के सामने हाथ फैलाने के सिवाय कोई चारा नहीं था ।ऐसी स्थिति में जानकारी के अभाव में बहुत ही  मुश्किलें खड़ी हो जाती है दूसरों पर सहायता के लिए निर्भर होना पड़ता है। बहुत बार दूसरे व्यक्ति इस स्थिति का फायदा उठाकर हमारा आर्थिक नुकसान भी कर सकते हैं ।बहुत बार यह देखने में आया है कि महिलाओं के अलावा कुछ पुरुष भी यह सोच रखते हैं कि यह सब काम पुरुषोi : के हैं ।हमारी रहते घर की महिलाओं को इसकी जानकारी रखने कुछ सीखने और जानने की क्या आवश्यकता है? किंतु ऐसा सोचना सही नहीं है आज के समय में पति-पत्नी दोनों को हर आर्थिक गतिविधि की जानकारी होना चाहिए ताकि हर स्थिति का सामना किया जा सके आप चाहे तो एक डायरी भी मेंटेन कर सकते हैं जिसमें सभी आर्थिक जानकारियां लिखकर रख सकते हैं ।इससे अपने पास गोपनीय रूप से संभाल कर रखें। आज के समय में सभी आर्थिक गतिविधियों की जानकारियांँ महिलाओं को होना भी अत्यंत आवश्यक है इसीलिए  सभी युगल को चाहिए कि वे एक-दूसरे के साथ महत्वपूर्ण जानकारियांँ साझा करें ।जिज्ञासा और  रुचि के साथ हर नई चीज सीखने और सिखाने का साझा प्रयास करें ताकि  भावी जीवन में कोई परेशानी ना आए ।किसी मुसीबत का सामना ना करना पड़े।
  श्रीमती कीर्ति दुबे खंडवा लाल चौकी विजयनगर



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