जिम्मेदारी
टीवी पर न्यूज़ चल रही है कि कोरोनावायरस के कारण पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया गया है। यह खबर जानते ही ऑफिस से बॉस का फोन आया ,मैडम अभी लॉक डाउन कर दिया गया है इसलिए घर पर रहकर ही अपना काम करना होगा ।सभी काम अपडेट रखना ।जी सर ,यह कहते हुए शुभी ने अपना फोन रख दिया ।लॉक डाउन और कोरोनावायरस कामवाली ने भी काम पर आना बंद कर दिया। अब तो काम और बढ़ गया है सभी सदस्यों के घर में रहने से काम का शेड्यूल थोड़ा बिगड़ गया था जो काम 11:00 बजे खत्म होता था वही काम खत्म होते-होते अब 2:00 बजने लगी। जैसे ही घर के काम से फ्री होती वैसे ही वहां ऑफिस का काम लेकर बैठ जाती ।ऑफिस के काम से फ्री होकर घर के काम में लग जाती ।शुभी होमवर्क और वर्क फ्रॉम होम के बीच बुरी तरह फस गई थी। बहुत थक कर चूर होने लगी ।रोहन से यह देखा ना गया वह उसकी स्थिति को समझ गया ।अगले दिन बहुत सुबह जल्दी उठा ,झाड़ू हाथ में लेकर घर की सफाई करना शुरू कर दी। यह देख पिताजी बोले अरे, तुझे क्या पड़ी है यह घर का काम औरतों को शोभा देताहै ।यह घर गृहस्ती औरतों की जिम्मेदारी है ।छुट्टी मिली है तो आराम से बैठ आराम कर। पिताजी आप गलत कह रहे हैं घर गृहस्ती पति पत्नी दोनों की जिम्मेदारी है। महिलाएं घर के सभी काम करके सभी की सेवा करके अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाती हैं ।और तो और कुछ महिलाएं नौकरी चाकरी करके परिवार की आर्थिक सहायता भी करती हैं तो क्या ऐसे में उनके काम में हाथ बटाना हम पुरुषों की जिम्मेदारी नहीं हैं ।घर के काम करने से हमारा पुरुषार्थ कम नहीं हो जाएगा ।स्त्री पुरुष समानता के इस युग में काम का कैसा बंटवारा। पिताजी को बेटे की बात सही ही नहीं लगी बल्कि उससे सीख भी मिली ।वे भी पास में रखे चाय के प्याले को किचन में रखने चल दि ए।



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