भूख
कोरोना वायरस के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन कर दिया गया। मुंबई ,दिल्ली जैसे बड़े शहरों में रहने वाले मजदूर कल कारखानों के बंद हो जाने से बेघर और बेरोजगार हो गए । उनकी तो रोजी-रोटी छिन गई ।दिहाड़ी मजदूरी करने वाली यह लोग शहरों को छोड़ अपने गांव की ओर निकल गए ।कोई पोटली सिर पर रखे ,तो कोई छोटे छोटे नन्हे मुन्ने बच्चों की उंगली पकड़े, बिना जूता चप्पल पहने ही दिल में गांव पहुंचने का जुनून लिए पैदल ही निकल पड़े हैं। इस काफिले को रोककर जब एक महिला पत्रकार ने उनसे पूछा आप इस तरह गांव की ओर क्यों जा रहे हो ?यूँ इस तरह भीड़ में जाने से कोरोना
और
फैल जाएगा। आप लोगों की जान भी जा सकती है ।आपको डर नहीं लग रहा है ।मेम साहब, डर कोरोना से नहीं ,भूख से है ।हमारे पास
पेट भरने के लिए रोटी भी नहीं है बच्चे भूख से बिलख रहे हैं यह कोरोना से तो नहीं किंतु भूख से जरूर मर जाएंगे। इसीलिए गांव जा रहे हैं वहां दो वक्त की रोटी तो मिलेगी ही। उनकी दिल को छू जाने वाली बातें सुनकर पत्रकार निरुत्तर रह गई।

इस समय सरकार को ऐसे लोगो की खाने की रहने की पर्याप्त मात्रा में व्यस्त करनी चाहिए ओर जो लोग अपने घर के पलायन कर रहे है उन लोगो की कोरोना टेस्ट निगेटिव आती है तब ही उनको अपने घर अपने शहर गांव आने की इजाजत देने चाहिए ताकि उनके साथ दूसरे लोग भी सुरक्षित रहे
ReplyDelete(सरकार को ऐसा बिल्कुल नही करना चाहिये की पलायन करने वालो की नार्मल जाचं करे वो लोगो की सही तरीके से जांच हो और कोरोना निगेटिव आने के बाद ही उनको आने की अनुमति देने चाहिए)
thank you so much didi
Deleteआदरणीय कीर्ति जी आपने यह bogs के माध्यम से अपनी बात रखने का अच्छा माध्यम चुना है। बधाई।
ReplyDeletethanks sir
Deletelockdown में मजदूरों के सर पर एक भारी विपत्ती आ गई है जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए l
ReplyDeletehttps://yourszindgi.blogspot.com
दो रोटी कितनों को मिलेगी और अगर नसीब होती तो घर छोड़ कर क्यों जाते?
ReplyDeletethanks
Deleteसंकट का दौर है । मानवता को बचाये रखना होगा ।
ReplyDeleteकडवी हकीकत है ये
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